वॉइस आफ हरियाणा, फरीदाबाद
39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले के गेट नंबर 2 पर शनिवार को लगातार हुए हादसों ने मेला प्रशासन के लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया। एक ही दिन में दो बड़ी घटनाओं में दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए। शनिवार को मेले के प्रवेश द्वार के रूप में अस्थाई रूप से बनाया गया लकड़ी का भारी-भरकम गेट अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में आने से दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सूरजकुंड मेला प्रशासन ने हादसे में घायल हुए एक घायल व्यक्ति को बीके सिविल अस्पताल लाया और दूसरे को निजी अस्पताल ले जाया गया। चिंता जनक बात यह है कि होटल मैनेजमेंट के अधिकारियों द्वारा घायल के परिजनों को मामले को दबाने का प्रयास किया गया। गेट गिरने के कुछ ही समय बाद मेले में एक झूला गिरने की घटना सामने आई, जिसमें करीब दर्जन पर लोग घायल हो गए। यहां घूमने के लिए आए लोगों के अलावा अनेक पुलिसकर्मी भी घायल हो गए एवं एक पुलिसकर्मी की मौत भी हो गई।
इस मेले की देखरेख की जिम्मेदारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गेट का अचानक गिरना निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी इन हादसों की मुख्य वजह है। इतना ही नहीं मेले में गैर कानूनी रूप से गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है जो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
हरियाणा पर्यटन विभाग और सूरजकुंड मेला अथॉरिटी की है।
मेला अथॉरिटी और पर्यटन विभाग ने अभी तक इस चूक पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना स्थल की जांच कर रही हैं।स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपात स्थितियों के लिए केवल 5 बेड वाला इमरजेंसी अस्पताल व्यवस्था लाखों आगंतुकों वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले के लिए पर्याप्त नहीं है। 39 में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में रोजाना लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि फरीदाबाद प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जगाने वाला है। मेले में आने वाले लाखों पर्यटकों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इन घटनाओं के मध्य नजर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मेले परिसर में व्यापक सुरक्षा जांच की तत्काल आवश्यकता है।
















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