फरीदाबाद का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल, बीके सिविल अस्पताल, एक बार फिर अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। ताजा मामला अस्पताल के महिला वार्ड का है, जहाँ कीड़ों की भरमार ने मरीजों और उनके तीमारदारों का जीना मुहाल कर दिया है।
वार्ड में भर्ती महिलाओं का आरोप है कि बेड और गद्दों में कीड़े इस कदर फैल चुके हैं कि रात में सोना तो दूर, बैठना भी मुश्किल हो गया है। मरीजों का कहना है कि वे यहाँ बीमारी का इलाज कराने आए हैं, लेकिन कीड़ों के काटने से उन्हें त्वचा संबंधी नई समस्याएं और संक्रमण होने का खतरा सता रहा है।
कीड़ों के कारण मरीज रात भर सो नहीं पाते, जिससे उनकी रिकवरी पर बुरा असर पड़ रहा है।
वार्ड में नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल या गद्दों की सफाई नहीं की जा रही है।
कई बार शिकायत करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
हाल ही में बड़खल विधायक धनेश अदलखा ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें उन्होंने सफाई व्यवस्था और स्टाफ के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने साफ कहा था कि यदि अस्पताल ही साफ नहीं होगा, तो मरीज कैसे ठीक होगा। इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
एक मरीज ने बताया कि जब अस्पताल के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने जल्द ही वार्डों में फ्यूमिगेशन और पेस्ट कंट्रोल करवाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, मरीजों का कहना है कि ऐसे दावे पहले भी किए गए हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
इस संबंध में अस्पताल की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर (मैट्रेन) मधुबाला ने बताया कि कीटनाशक दवाओं का छिड़काव परिसर में रोजाना किया जाता है लेकिन दवाओं का असर कम होने के कारण कीड़ों पर असर नहीं कर रही है। जल्द ही उच्च श्रेणी की कीटनाशक दवाओ को मंगवाया जाएगा।
वॉइस आफ हरियाण हरेंद्र स्वामी












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