शहर में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि बीके सिविल अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 150 मरीज कुत्ते के काटने का इलाज कराने पहुँच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना 100 से अधिक मरीज ओपीडी में और लगभग 40 से 50 मरीज इमरजेंसी वार्ड में अपना इलाज करवा रहे हैं।
बढ़ते मामलों के बीच अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन के अनुसार, अस्पताल के पास वर्तमान में 3000 एंटी-रेबीज वैक्सीन की डोज उपलब्ध हैं, जो मरीजों की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।
राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि अब गंभीर संक्रमण वाले मरीजों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल नहीं भागना पड़ेगा। पहले एंटी-रेबीज इन्फेक्शन की विशेष वैक्सीन अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर करना पड़ता था। अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि वे अब इस विशेष वैक्सीन का स्टॉक भी खुद मंगवाएंगे, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही संपूर्ण इलाज मिल सके।
अस्पताल के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें और डॉक्टर की सलाह पर ही वैक्सीन का कोर्स पूरा करें।












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